Thursday, October 1, 2020

सावधान जनता, वे फिर आ रहे है मुर्ख बनाने

 सावधान जनता, वे फिर आ रहे है मुर्ख बनाने

गांव में एक बात काफी प्रसिद्ध है कि जब किसानों की फसल कटने लगती है तो गांवों में तमाषा और मदारी दिखाने वालों में होड़ सी लगी रहती है इसका कारण है कि किसान के पास अब आनाज आ गया है और उसे किसी बहाने से लुटा जाय। ठीक वैसा ही हमारे देष में चुनाव आने के समय होता है। राश्ट्रीय पार्टियों सहित छिटपुट पार्टियां भी अपने तमाषे के साथ जनता के बीच अपना खेल दिखाने लगती है। हर पार्टी अपने को बेहतर विकल्प बताकर दूसरी पार्टियों की हवा खराब करने में जुट जाती हैं। जब चुनाव आते हैं तभी गांवों की जनता को मुर्ख बनाने के लिए कोई नेता उनके साथ भोजन करता है और उनके साथ रात बिताता है तो कोई अपनी पार्टी के सत्ता में आने पर आम जनता को देवता की पदवी देने की बात करता है अर्थात अब किसानों और जनता की सारी समस्याओं का सामाधान उनकी पार्टी करेगी। वह यह भी दर्षाते है कि उनकी पार्टी ही जनता के दुख दर्द को समझती हैं।

सवाल है कि क्या आम जनता का दुख दर्द चुनाव के बाद भी नेताओं को याद रहता है। षायद नहीं----। क्योंकि अगर देष के नेताओं को किसानों और आम जनता के दुख दर्द का इतना एहसास होता तो आज देष की जनता इस तरह से छटपटा नहीं रही होती। सावधान जनता, वे फिर आ रहे हैं मुख बनाने

अब एक बार फिर उत्तर प्रदेष में विधानसभा के चुनाव होने वाले है। सारी पार्टियां जनता को मूर्ख बनाने के लिए अपना-अपना एजेंडा तैयार कर रही हैं। किस पार्टी का कौन सा एजेंडा जनता को मूर्ख बनाने के साथ दूसरी पार्टी की हवा निकाल दे इस पर सभी पार्टियां विचार कर रही है।

    बहुजन समाज पार्टी 2007 में जिस तरह ब्राहमण कार्ड का इस्तेमाल करके उत्तर प्रदेष की सत्ता पर काबिज हुई थी। वही कार्ड इस बार इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेष की सत्ता में फिर से आने की सोच रही है। क्योंकि बसपा के पास प्रदेष में विकास के नाम पर पार्कों और मूर्तियों के अलावा कुछ भी नहीं है। हां अगर दलितों की बात करें तो बसपा ने कांषीराम षहरी विकास योजना के नाम पर कुछ घर बनाकर दलितों को झुनझुना अवष्य पकड़ा दिया है। इस योजना के साथ कई अन्य योजनाओं का क्या हाल हो रहा है यह किसी से छुपा नहीं है।

   इसीप्रकार समाजवादी पार्टी भी प्रदेष की सत्ता में काबिज होेने के लिए हाथ पांव मार रही है। पार्टी के मुखिया के बेटे अखिलेष यादव आज कल साईकिल की यात्रा कर जनता को अपने पक्ष में करने की कोषिष कर रहे है। सपा ने मुसलमान मतदाताओं पर डोरे डालने के लिए उन्हें आरक्षण देने की मांग को फिर से उठाना षुरू कर दिया है।

  यही हाल भारतीय जनता पार्टी का भी है। वह प्रदेष सरकार की कारगुजारियों को उजागर करने के लिए प्रदेष भर में यात्राएं कर रही है। इस पार्टी का मुख्य मुद्दा हिदुत्व था लेकिन आज वह अपने मुख्य मुद्दे से ही भटक गई है।

  रही बात कांग्रेस की तो इस पार्टी के युवराज राहुल गांधी तो प्रदेष की जनता के घर जाकर उनका हालचाल जान रहे और जनता की बदहाली के लिए प्रदेष सरकार को जिम्मेदार ठहरा कर अपने जिम्मेदारियों की इतिश्री करने में जुट गये है। प्रदेष की बेहाल जनता को देखकर राहुल गांधी को गुस्सा आ रहा है और वे जनता का अह्वान करते हुए कहते है कि उठो, जागो और बदलो। हम भी यही चाहते हैं कि देष की जनता जाग जाये और अपने उपर हो रहे भ्रश्टाचार, अपराध, महंगाई जैसे अत्याचारों के लिए जिम्मेदार इन राजनेताओं को सबक सिखाये।

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